प्रेमचंद जी का अंतिम उपन्यास गोदान के कुछ रोचक तथ्य और प्रमुख पात्र NTA-UGC NET 2020

प्रेमचंद जी का जन्म 31 जुलाई 1880 हुआ और मृत्यु   8 अक्टूबर 1936 को हुआ। हिन्दी और उर्दू के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, कहानीकार एवं विचारक थे। उन्होंने सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, गबन, कर्मभूमि, गोदान आदि लगभग डेढ़ दर्जन उपन्यास तथा कफन, पूस की रात, पंच परमेश्वर, बड़े घर की बेटी, दो बैलों की कथा आदि तीन सौ से अधिक कहानियाँ लिखीं,जो मानसरोवर में संकलित हैं।
                गोदान, प्रेमचन्द का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण उपन्यास माना जाता है।इसका प्रकाशन १९३६ ई० में हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय, बम्बई द्वारा किया गया था। है। कुछ लोग इसे उनकी सर्वोत्तम कृति भी मानते हैं और यह सर्वोत्तम कृति है  भी।यह समस्या प्रधान उपन्यास है। इसमे महाजनी सभ्यता का विरोध हुआ है, कृषक की आर्थिक समस्या का चित्रण किया गया है।

            उपन्यास की कथावस्तु कृषक की समस्या है।इस उपन्यास को  राष्ट्रीय प्रतिनिधि उपन्यास कहा जाता है।इस उपन्यास की पांडुलिपि "बनारस हिंदू विश्वविद्यालय" में है। गांव की कथा और शहर की कथा एक साथ चलती है दोनों कथाओं में संबद्धता और संतुलन पाया जाता है।यह यथार्थवादी उपन्यास है न कि आदर्शवादी उपन्यास। इस उपन्यास में  36 अध्याय हैं और इस उपन्यास को प्रेमचंद जी ने  ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति का महाकाव्य कहां है। इस पुस्तक का अंग्रेजी अनुवाद 'द गिफ्ट ऑफ़ काओ' नाम से प्रकाशित हुआ। इस उपन्यास में दो गांवों का वर्णन हैं- बेलारी और सेमरी गांव।

प्रमुख पात्र :-
●होरी- उपन्यास का नायक 
●धनिया- उपन्यास की नायिका(होरी की पत्नी)                             धनिया के कुछ अच्छे कुल 6 बच्चे थे 3 की मृत्यु हो             जाती है। 
●गोबर( वास्तविक नाम गोवर्धन)- होरी और धनिया का                पुत्र।
●सोना,रूपा-होरी और धनिया की पुत्री
●हीरा, शोभा- होरी के भाई 
●पुनिया - हीरा की पत्नी
●भोला-गाय देते है होरी को
●झुनिया -भोला की विधवा बेटी,गोबर की पत्नी
●मंगल-गोबर का पुत्र (चेचक की बीमारी थी )
●दातादिन-पशु चिकित्सा का आचार्य। इसे गांव का नारद                  कहा जाता है।महाजन हैं गांव का।
●मातादीन -दातादिन के पुत्र।सिलिया के प्रेमी।
●सिलिया -चामारिन है । मातादीन के साथ रहती हैं वह                    व्याहता नहीं रखैल है।
●राय साहब अमरपाल सिंह - जमींदार हैं,सेमरी गांव में रहते हैं।
●मालती -शहर की शिक्षित तथा स्वालंबी नारी है। लखनऊ                में रहती है। पेशे से डॉक्टर है।
●सरोज, वरदा-मालती की बहने  
●मेहता -लखनऊ में रहते है । दर्शनशास्त्र का                                 प्रोफेसर,यथार्थवादी पुरुष ,मालती से प्रेम करता है।●राय साहब का मित्र।    
●मि• खन्ना - बैंक मैनेजर के अलावा चीनी मिल के मालिक।                   मालती के प्रति आकर्षित है।
●गोविन्दी- खन्ना की पत्नी।
●मीनाक्षी- राय साहब की बेटी, दिग्विजयसिंह की पत्नी 
●रूद्रपाल- राय साहब के पुत्र।
●प्टेक्षरी, भोला, राय साहब ,दुलारी, मंगरू,झिंगुरी-  होरी            का शोषण करते है।
●रामसेवक -रूपा के पति  
●मंगरू साह- गांव के धनी व्यक्ति।
●चूहिया- शहर में  गोबर की पड़ोसिन थी। इनके 12 बच्चे                   थे।
●नोहरी- भोला की दूसरी पत्नी।
●सुंदरिया - गाय का नाम है।

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